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| अंडा उबलने पर ठोस क्यों हो जाता है? |
अंडे को उबालने पर वह द्रव से ठोस कैसे हो जाता है ?
आप ये तो जानते ही है कि किसी भी चीज को उबालने से वो ठोस से तरल पदार्थ मे परिवर्तित होता है लेकिन एसा कौन सा घटना होता है की अंडे को उबालने से उसके अंदर का तरल पदार्थ ठोस बन जाता है। तो इसके पीछे की मुख्य वजह यह है कि अंडा का पूरा भाग प्रोटीन से भरा हुआ होता है। जिसमे अंडे कि सफेदी और अंडे की ज़रर्दी के बीच हुई रसायनिक क्रिया से अंडा ठोस हो जाता है। जब हम अंडे को उबलते है तो आग के ताप से प्रोटीन अपनी मूल प्रक्रिति को गवां बैठता है और कुछ अणु बंधन को कमजोर कर देता है जिससे अंडा अपने तरल रूप को छोड़ ठोस रूप ले लेता है
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| अंडा उबलने पर ठोस क्यों हो जाता है? |
अंडा कैसे बनता है :-
आपको बता दे की अंडे मे जो (पिला भाग) होता है उसमे लौह पदार्थ की मात्रा पाया जाता है और अंडे के जो सफेद भाग होता है उसमे हाईड्रोजन सल्फाइड पाया जाता है जो ताप के वजह से लौह सल्फाइड बनता है जो इसे अंदर से पीलापन भी देता है।
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| अंडा उबलने पर ठोस क्यों हो जाता है? |
अंडा कैसे जमता है :-
प्रोटीन अमिनो एसिड की श्रिंखला है जो पुरी अभिक्रिया को दर्शाती है। हालांकि अमिनो एसिड का पुर्ण गुण अंडे को संतुलित आकार देना है पर उबालने के क्रम में सबसे पहले इनही की श्रिंखला रूपी बंधन को छीन कर जाता है। क्योकि अंडे की ज़रर्दी और अंडे मे बराबर मात्रा में प्रोटीन होता है तो पूरे अंडे का ठोस होना वैज्ञानिक तौर पर एक संतुलित प्रक्रिया है। क्योकि अंडे का आंतरिक हिस्सा प्रोटीन से बना होता है और बाह्य हिस्सा कैलशियम से बना होता है तो वह ताप से कमज़ोर होकर गिर जाता है।
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| अंडा उबलने पर ठोस क्यों हो जाता है? |
अंडा का गुड़ :-
और जो अंडा होता है उसका कैलशियम रूपी बाह्य सतह पारगम्य होती है। यह उबलते पानी को आसानी से अंदर जाने देता है। अंडा के प्राक्रितृक रूप में अणु बंधन ही मुख्य सदस्यता दर्शाते है जिनके कारण अंडे का तत्व विविकरण हो जाता है और वह अपने पहले वाले अवस्था को छोड़ देता है। इस प्रक्ररण पर नियमित शोध हो रहे है और ज्यादा से ज्यादा जोर अमिनो एसिड की श्रिंखला को समझने पर दिया जाता है।
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| अंडा उबलने पर ठोस क्यों हो जाता है? |
अंडा उबालने पर जम कैसे जाता है :-
अंडे के अन्दर पानी, प्रोटीन, वसा मुख्य रूप से पाए जाते हैं। मुर्गी के अंडे में तीन चौथाई भाग पानी होता है, जिसमे एल्ब्यूमिन, प्रोटीन व वसा मिली होती है। प्रोटीन अधिक्तम सफ़ेद भाग में होती है और वसा अधिक्तम पीले भाग में पायी जाती है। ताप लगने पर प्रोटीन के अणु आपस में जुड़कर इकट्ठे हो जाते हैं। ऐसा होने के कारण यह सख्त हो जाता है। इस क्रिया के कारण या तो प्रोटीन वाला भाग अंडे से अलग हो जाता है या अंडे में उपस्थित तरल के साथ मिलकर गाढ़ा हो जाता है। ताप की मात्रा पर निर्भर अंडा ताप मिलने पर सख्त हो जाता है।
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